Added: Jan 13, 2008

From: dipnirvana

Duration: 5:13

A brilliant rendition by rahman ..this eg. that even as few as two instrument can make a gr8 song ..ofcorse with gr8 poetryधीमी धीमी खुशबू हैं तेरा बदनसुलगे महके पिघले दहके क्यों ना बहके मेरा मनवो चली हवा के नशा घुलाहैं समा भी जैसे धुँवा धुँवातेरा रुप हैं के ये धूप हैंखुले बाल हैं के हैं बदलियाँतू जो पास हैं मुझे प्यास हैंतेरे जिस्म का एहसास हैंसांस भी जैसे रुक सी जाती हैंतू जो पास आये तो आँच आती हैंदिल की धडकन भी मेरे सीने में लडखडाती हैंये तेरा तन बदन कैसी हैं ये अगनथंडक हैं जिस्म तू वो आग हैंबलखाती हैं जो तू लहराती हैं जो तूलगता हैं ये बदन एक राग हैं

Channel: Music

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